

(जावेद खान पन्ना ):- देवेंद्रनगर थाने में पदस्थ थाना प्रभारी अनूप यादव जहां अपनी निष्पक्ष कार्यशैली के लिए तारीफें तो बटोरते ही है वही थाना परिसर पर विकाश को लेकर भी हमेशा सजग रहते है उनकी सजगता की तारीफ इसलिए भी आमजन द्वारा की जा रही है क्योंकि अभी कुछ दिनों पहले ही इनका स्थानांतरण जिले से बाहर हो गया है केवल रवानगी प्रक्रिया शेष है जो कभी भी हो सकती है और ऐसे समय में भी उनके द्वारा जन सहयोग से थाना प्रभारी चेंबर का अत्याधुनिक रेनोवेशन और थाना परिसर में उपलब्ध ग्राउंड को जाली एवम अन्य माध्यमों से संरक्षित कर सैकड़ों फलदार पौधे लगाने का कार्य किया जा रहा है।जिसको लेकर पूरे नगर के संभ्रांत वर्ग द्वारा उनके इस अनोखी सोच की खुल कर चर्चा कर प्रसंशा की जा रही है।
ऐसा नहीं है की अनूप यादव द्वारा केवल देवेंद्र नगर में ही प्रशासनिक कर्तव्य के इतर विकास कार्य में लगन दिखाई गई है इसके पहले ईशानगर थाना छतरपुर में प्रभारी रहते हुए इनके द्वारा बनाई गई लाइटिंग बाउंड्री वॉल और अत्याधुनिक ग्राउंड सुर्खियां बटोर चुके है वही जिले के मडला थाने में गेट निर्माण के अलावा छतरपुर जिले के सरवई थाने में परिसर को अतिक्रमण मुक्त कराने में महती भूमिका निभा चुके हैं।
वैसे देवेंद्र नगर में कई थाना प्रभारी आए और गए लेकिन कुछ थाना प्रभारियों द्वारा अपनी जिम्मेदारियों में थाना परिसर के विकाश को भी प्राथमिकता में रखा गया जिसकी वजह से उन्हें यहां से अन्यत्र स्थानांतरण के बाद भी लोगों द्वारा आज भी याद किया जाता है जिनमे तात्कालिक थाना प्रभारी हिमांशु चौबे द्वारा टूटी और विवादित बाउंड्री वॉल का निर्माण एक भागीरथी प्रयास था परिसर को सुरक्षित करने का,जिसके लिए आज भी हिमांशु चौबे जी का नाम नगर में बड़े सम्मान से लिया जाता है। साथ ही अभिषेक पांडे द्वारा उबड़ खाबड़ ग्राउंड को समतलीकरण सहित थाने के सामने दलदली जमीन को चलने लायक बनाने के लिए छोटी गिट्टी की लेयर डलवाई गई थी जिसकी वजह से आज भी थाने तक आवागमन कीचड़ मुक्त है।साथ ही धार्मिकता का परिचय देते हुए परिसर में मंदिर निर्माण में हिमांशु चौबे और घनश्याम मिश्रा के योगदान की चर्चा और तारीफ आज भी लोगों की जुबान पर है






